प्याज संकट पर सरकार का बड़ा कदम जिससे मिलेगी जनता को राहत
प्याज संकट पर सरकार : केंद्र सरकार ने रविवार को प्याज की बढ़ती कीमत को नियंत्रण में रखने के लिए तत्काल प्रभाव से प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह प्रतिबंध प्याज की सभी किस्मों तक फैला हुआ है. प्याज की कीमतें इस सप्ताह की शुरुआत में 70-80 रु कि.ग्रा तक जा पहुँची है.
प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक सार्वजनिक आक्रोश को पैदा कर दिया है जिसके मद्देनज़र सरकार ने जनता को राहत देने की पहल की है.विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना ज़ारी कर प्याज की निर्यात निति को नि:शुल्क से प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है .DGFT वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का एक अंग है जो आयात / निर्यात से संबंधित है।
प्याज संकट पर सरकार को यह फैसला क्यों लेना पड़ा ?
आपको बता दें कि घटती उपज के कारण प्याज की कीमतें बढ़ रही हैं। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान सहित प्याज उत्पादक राज्यों में हाल ही में बाढ़ ने आपूर्ति बाधित कर दिया है.
इसके अतिरिक्त, त्यौहारी सीज़न से पहले व्यापारियों द्वारा जमाखोरी बढ़ती कीमतों के पीछे एक बड़ा कारण है . इसके अलावा सरकार ने फैसला किया है कि खुदरा व्यापारी के पास अब 1000 क्विंटल तो वहीँ थोक विक्रेता केवल 500 क्विंटल का स्टॉक अपने पास रख पाएंगे.
केंद्र के पास 56,000 टन प्याज का बफर स्टॉक है, जिसमें से 16,000 टन को ऑफलोड कर दिया गया है. सरकार द्वारा नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और मदर डेयरी जैसी एजेंसियों को भी सस्ती दरों पर प्याज बेचने का निर्देश दिया है.
फिलहाल देश की जनवादी मोदी सरकार ने जनता की समस्या को समझते हुए राहत देने वाले कदम उठाएं है जिनसे आने वाले दिनों प्याज की कीमतों में बदलाव ज़रूर देखने को मिलेगा और दिवाली में आप प्याज से बने व्यंजनों का लुत्फ़ उठा पाएंगे .
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

